Wednesday, September 20, 2023

प्यार का नाता हमारा

जिन्दगी के मोड़ पर यह 
प्यार का नाता हमारा
राह की वीरानियों को 
मिल गया आखिर सहारा
प्यार का नाता...

ज्योत्सना-सी स्निग्ध सुन्दर 
तुम गगन की तारिका-सी
पुष्पिकाओं से सजी
मधुमास की अभिसारिका-सी
रूप की साकार छवि-
माधुर्य की स्वच्छन्द धारा
प्यार का नाता...

मैं तुम्हीं को खोजता हूँ
चाँद की परछाइयों में
बाट तकता हूँ तुम्हारी
रात की तनहाइयों में
आज मेरी कामनाओं 
ने तुम्हें कितना पुकारा
प्यार का नाता...

दूर हो तुम किन्तु फिर भी 
दीपिका हो ज्योति मेरी
प्रेरणा हो शक्ति हो तुम! 
प्रीति की अनुभूति मेरी
गुनगुना लो प्यार से-
यह गीत मेरा है तुम्हारा
प्यार का नाता...

-विनोद तिवारी
                     

13 comments:

डॉ विनीता कृष्णा said...

सुंदर भावभीनी अभिव्यक्ति।

Pragati said...

अद्भुत शब्द-संयोजन और भावों का प्रवाह लिए सुंदर गीत।

Anonymous said...

आदरणीया रंजना जी ने बहुत ही सरलता और गहनता से इस गीत को मन छूने वाले शब्दों में अभिव्यक्त किया है। बहुत बहुत बधाई।

Anonymous said...

बहुत सुंदर प्रेम गीत । विनोद जी हार्दिक बधाई । रेणु चन्द्रा

किरन सिंह said...

वाह विनोद तिवारी जी का बहुत ही सुंदर नवगीत “प्यार का रिश्ता हमारा “ एक एक शब्द भाव विभोर करने वाला है ।

किरन सिंह

Anonymous said...

“गुनगुना लो प्यार से/ यह गीत मेरा है तुम्हारा”- वाह! सुंदर गीत के लिए बधाई।

Anonymous said...

बहुत सुंदर गीत! विनोद तिवारी जी को बधाई।
-सुनीता यादव

Anonymous said...

बहुत सुंदर गीत! विनोद तिवारी जी को बधाई।
-सुनीता यादव

Sonam yadav said...

बहुत बहुत शानदार गीत है

Sonam yadav said...

बहुत ही सुन्दर और प्यारा गीत
बहुत बहुत शुभकामनाएं

Poonam Mishra said...

प्यारा प्रेम गीत

Poonam Pathak said...

मन को छूने वाला।☺️

Poonam Pathak said...

मन को छूने वाला।☺️